लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों को घेरते हुए सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों को भरने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन पदों पर पेपरलीक और भ्रष्टाचार से मुक्त समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। मायावती ने अपने शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस और पंचायती राज विभाग में करीब साढ़े दो लाख नए सरकारी पद सृजित किए गए थे।
मायावती ने गिनाईं अपने शासनकाल की उपलब्धियां
मायावती ने कहा कि उनके शासनकाल में सरकारी नौकरियों की भर्ती पर लगी रोक हटाकर सर्वसमाज के कई लाख लोगों को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई थीं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से बेरोजगारी की समस्या को गंभीरता से लेने की अपील की।
बसपा प्रमुख ने कहा कि सत्ता से बाहर रहने के बावजूद उनकी पार्टी महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, खराब स्वास्थ्य व्यवस्था, पिछड़ापन, पलायन, महिला असुरक्षा, पेपरलीक और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लगातार उठाती रही है।
पूर्व की कांग्रेस सरकारों से की मौजूदा सरकारों की तुलना
मायावती ने आरोप लगाया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार मांग उठाए जाने के बावजूद केंद्र और राज्य सरकारें कई मामलों में पूर्व की कांग्रेस सरकारों की तरह उदासीन और लापरवाह बनी हुई हैं। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक, आर्थिक, संसदीय और सामाजिक परिस्थितियों को चिंताजनक बताया।
CJP के 36 दिन के आंदोलन का किया जिक्र
बेरोजगारी के मुद्दे पर मायावती ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए युवाओं के आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नाम से शिक्षित युवा-युवतियों ने 36 दिन तक आंदोलन किया और बेरोजगारी तथा भविष्य की चिंता जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया।
मायावती ने कहा कि इन आंदोलनों के बाद सरकारों को गरीबों, श्रमिकों, युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारी से प्रभावित परिवारों की वास्तविक चिंताओं पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
खाली लाखों पद भरने और निजीकरण रोकने की मांग
बसपा प्रमुख ने सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों को भरने की मांग के साथ राष्ट्रीय संपत्तियों को निजी हाथों में बेचने की प्रक्रिया रोकने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार के एक सदस्य को भी सरकारी नौकरी मिलती है तो इससे लाखों परिवारों को सीधे आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है।
‘हर हाथ को काम’ से दूर होंगी कई समस्याएं
मायावती ने कहा कि सरकारी भर्तियों का लाभ एससी, एसटी और ओबीसी समाज को भी मिलेगा तथा इससे आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी। उन्होंने सरकारों से मुनाफाखोरी की सोच छोड़कर संविधान की मानवतावादी और कल्याणकारी नीतियों को ईमानदारी से लागू करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ‘हर हाथ को काम’ देना देश और जनहित से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान कर सकता है। मायावती ने संसद के मौजूदा सत्र में जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों और बेरोजगार युवाओं के मुद्दों पर जारी गतिरोध खत्म करने की भी मांग की।
संसद में पर्याप्त चर्चा की मांग
मायावती ने कहा कि बेरोजगारी और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में पर्याप्त बहस और चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना समुचित चर्चा के सरकारी विधेयकों को पारित किए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगनी चाहिए।
